ज्वालामुखी क्या है?(What is a volcano?) , ज्वालामुखी कैसे उत्पन्न हैं?(How are volcanoes produced?) और ज्वालामुखी से संबंधित अन्य महत्त्वपूर्ण जानकारियां(Other important information related to volcano)
📒ज्वालामुखी (Volcanoes) क्या है ?और कैसे उत्पन्न होए हैं?
ज्वालामुखी उस प्राकृतिक छिद्र कहते हैं , जिसमें लावा , राख , गैस और मैग्मा आदि का उद्दगार होता हैं। ज्वालामुखी क्रिया ,उस संपूर्ण क्रिया को कहते है, जिसमें पृथ्वी के गर्भ में लावा , राख , गैस और मैग्मा आदि के उत्पन्न होने से लेकर पृथ्वी की सतह के नीचे और ऊपर लावा के निकलने और उसके ठंडे होने की संपूर्ण क्रिया शामिल होती हैं।
ज्वालामुखी की क्रियाएं दो रूपों में संपन्न होती है::
(1). धरातल के नीचे भूगर्भ में मैग्मा आदि के नीचे ही जमकर शीतल हो जाने की क्रिया ,जिससे बैथोलिक फैकोलिथ , लेपोलिथ , सिल , तथा डाइक जैसी चट्टानों का निर्माण होता हैं।
(2). जब धरातल के ऊपर घटित होने वाली क्रिया , जिसका अवलोकन ज्वालामुखी , धरातलीय प्रवाह , गर्म जल स्त्रोत , गेसर तथा धुआरे के रूप में किया जाता हैं।
ज्वालामुखी संबंधित प्रमुख शब्दावली(Key terminology related to volcanoes) :
ज्वालामुखी नाली : जिस मार्ग से होकर मैग्मा पृथ्वी के बाहर आता है । इस मार्ग को ज्वालामुखी नाली कहते है।
क्रेटर(crater): ज्वालामुखी उदगार से उसके मुख के पास बनी हुई गड्डे की तरह आकृति को ज्वालामुखी मुख या क्रेटर कहते है।
कालडेरा (caldera) : बड़े आकार वाले क्रेटर को कालडेरा कहा जाता हैं।
धुआरे (Fumaroles): ज्वालामुखी क्रिया के दरम्यान छिद्र से निकलने वाले गैस तथा वाष्प 'धुआरे' कहलाते हैं।
गेसर(Geyser): ऐसे स्त्रोत जिससे समय - समय पर गर्म फुहारे तथा वाष्प निकलते रहते हैं, 'गेसर' कहलाते हैं।
ज्वालामुखी के प्रमुख प्रकार(types of volcanoes)
(a) सक्रिय ज्वालामुखी(active volcano)
(b) प्रसुप्त ज्वालामुखी(Dormant volcano)
(c) मृत या शांत ज्वालामुखी(Dead or clam Volcano)
सक्रिय ज्वालामुखी:- इस प्रकार के ज्वालामुखी से लावा , गैस एवम विखंडित पदार्थो पृथ्वी के अंदर से सदैव निकलते रहते हैं।
जैसे - माउंट एटना (सिसली,इटली में) , स्ट्रैमबोली( इटली, भूमध्य सागर) , कोटोपैक्सी (इक्वाडोर, एंडीज पर्वतमाला में)
Note- विश्व का सबसे ऊंचाई पर स्थित सक्रिय ज्वालामुखी ओजोस डेल सैलाडो (अर्जेंटीना और चिली की सीमा पर )
प्रसुप्त ज्वालामुखी:- ऐसे ज्वालामुखी , जो उदगार के पश्चात वर्तमान में शांत है , लेकिन भविष्य में अचानक पुन: उदगार होने की संभावना है ।
जैसे - विसुवियास(इटली) , फ्यूजियामा(जापान) , मैनालाओ (हवाई द्वीप) ।
मृत या शांत ज्वालामुखी:- ऐसे ज्वालामुखी ,जिनको भविष्य में उदगार की कोई संभावना नहीं है तथा जिनके मुख जल से जाने के कारण क्रेटर झील का निर्माण होता है ।
जैसे - किलिमंजारो(तंजानिया) , चिंबोरेजो(इक्वाडोर) ।
विश्व के प्रमुख ज्वालामुखी क्षेत्र (Major volcanic regions of the world)::
प्रशांत महासागरीय पेटी - इस पेटी में विश्व के दो तिहाई ज्वालामुखी क्षेत्र पाए जाते हैं। इसका विस्तार अंटार्कटिका महाद्वीप के माउंट एरेबस से लेकर प्रशांत महासागर के दोनों किनारों पर चारो फैला हुआ हैं।
मध्य महाद्वीपीय पेटी - इस पेटी में भूमध्य सागर , अफ्रीका , हिमालय तथा दक्षिणी पूर्वी एशियाई द्वीपों को सम्मलित किया जाता है।
मध्य अटलांटिक पेटी - यह पेटी अटलांटिक कटक के सहारे फैली है।
ज्वालामुखी से सम्बन्धित अन्य महत्वपूर्ण तथ्य(Other important facts related to volcano)::
✍️ ज्वालामुखी (वोलकोना) को प्रकृति का सुरक्षा कवच कहते हैं।
✍️ ज्वालामुखी गतिविधियों से किस क्रेटर झील का निर्माण होता हैं।
✍️पृथ्वी की भू - पटल पर सबसे पुराने चट्टानों ,जो ज्वालामुखी विस्फोट से बनाती है और कठोर रूप ले लेती हैं ,इन चट्टानों को आग्नेय चट्टान कहते हैं।
✍️भारत का एक मात्र सक्रिय ज्वालामुखी बैरन है।
✍️टैमू मैसिफ को 2013 में पृथ्वी पर सबसे बड़ा ज्वालामुखी घोषित (उसके द्रव्यमान और फुटप्रिंट के आधार पर)किया गया हैं। यह पैसिफिक महासागर में हैं।
✍️विश्व का सबसे ऊंचा ज्वालामुखी पर्वत कोटोपैकसी है, जो इक्वाडोर में हैं।

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