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भूकंप क्या हैं ?(What are earthquakes?) , भूकंप क्यों आते है ?(Why do earthquakes occur?)।भूकंप संबंधित अन्य महवपूर्ण जानकारियां(Other important information related to earthquake)

 

📒भूकंप क्या हैं?(What are earthquakes)? और कैसे उत्पन्न होते हैं(How are they generated?)

पृथ्वी का हिलना या कंपन करना ,भूकंप कहलाता है।भूकंप की उत्पति पृथ्वी के आंतरिक भाग में आए , अचानक परिवर्तन से होती हैं। पृथ्वी के इस आंतरिक परिवर्तन से ऊर्जा मुक्त होती हैं, जो पृथ्वी की सतह की ओर तरंगों के रूप में चलती हैं। इन्ही तरंगों को भूकंपीय तरंग कहा जाता हैं। ये तरंगे पृथ्वी के अंदर जहा से उत्पन्न होती है। उसे उदगम केंद्र (Focus)/भूकंप मूल कहते हैं और जहां पर ये भूकंपीय तरंगों सबसे पहले पहुंचती है। उसे अभिकेंद्र(Epicenter) कहते हैं।

Q.भूकंपीय तरंगों से कैसे पृथ्वी की आंतरिक संरचना का पता चलता हैं।

Ans.भूकंपीय तरंगों के व्यवहार से पृथ्वी के आंतरिक भाग में  पता चलता है की पृथ्वी में कैसी - कैसी परते हैं।
🖋️ भूकंपीय तरंगों की प्रकृति के अनुसार इन तरंगों को 3 प्रकार से बांटा जा सकता हैं।
1. प्राथमिक तरंगPrimary wave
2. द्वितीयक तरंगSecondary wave
3. धरातली तरंग/सतही तरंग(Surface wave)

प्राथमिक तरंग :- इन तरंगों की गति सर्वाधिक होती है। इनकी गति 8 से 14 km/second होती है। ये तरंगे ठोस , द्रव , गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं।

इन्हे ध्वनि तरंगों के समान माना जाता हैं।
अन्य नाम - P तरंग

द्वितीयक तरंग :- इनकी गति प्राथमिक तरंग से कम होती है। इनकी गति 4 से 6 km/second होती है। यह तरंगे गैस व तरल से होकर नही गुजर पाती है, केवल ठोस माध्यम से ही गुजराती हैं।इस तरंगों को प्रकाश तरंग के समान माना जाता है ।अन्य नाम - S तरंग

धरातली तरंग:- इन तरंगों की गति सबसे कम होती है । लेकिन ये तरंगे सबसे अधिक विनाशकारी होती है क्योंकि यह तरंग पृथ्वी की सतह पर चलती है। इसकी गति 1 से 3 km/second होती हैं।
अन्य नाम - L तरंग/Love तरंग/सतही तरंग

भूकंपीय तीव्रता का मापन(Seismic intensity measurement)  

वर्तमान समय में दो प्रकार से भूकंपीय तरंगों की तीव्रता का मापन किया जाता हैं।

1. मारकेली पैमाना:- इस पैमाने पर भूकंपीय तरंगों की तीव्रता का मापन 1 से 12 तक के अंको द्वारा दर्शाया जाता हैं।

2. रिक्टर पैमाने:- इस पैमाने पर भूकंपीय तरंगों की तीव्रता का मापन 1 से 9 तक के अंको द्वारा दर्शाया जाता हैं। इस स्केल पर 2.0 या 3.0 की तीव्रता का अर्थ हल्का भूकंप और 6.0 की तीव्रता का अर्थ शक्तिशाली भूकंप होता हैं।

Important fact:-

✍️भूकंप जिस क्षेत्र में आते है, उस क्षेत्र में पृथ्वी के वायु मंडल में रेडान गैस की मात्रा बढ़ जाती है।

✍️भूकंप का अध्ययन करने वाली विज्ञान की शाखा को सिस्मोलाजी कहते हैं।

✍️भूकंप का मापन सिस्मोग्राफ से किया जाता हैं।

भूकंप(अर्थक्वेक)आने के प्रमुख कारण(causes of earthquake):-

1. ज्वालामुखी क्रिया

2. भूसंतुलन से संबंधित समायोजन

3. प्लेटों की गतिशीलता

4. पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूर्णन 

5. अणु बमों का परीक्षण और विस्फोट 

विश्व मे भूकंप प्रभावित क्षेत्र(Earthquake affected areas in the world):: -

 प्रशांत महासागरीय तटीय पेटी:- इस पेटी में विश्व का 63% भूकंप आते हैं।

मध्य महाद्वीपीय पेटी:- इस पेटी में विश्व का 21% भूकंप आते हैं। ऐसी पेटी में भारत का भूकंपीय क्षेत्र आता हैं।

मध्य अटलांटिक पेटी :- इस पेटी का विस्तार मध्य अटलांटिक कटक के सहारे पाया जाता हैं। इसमें भूमध्य रेखा के आस - पास वाले क्षेत्रों में ज्यादा भूकंप आते हैं।

अन्य क्षेत्र:- नील नदी से लेकर संपूर्ण अफ्रीका का पूर्वी क्षेत्र , अदन की खड़ी से अरब सागर तक का क्षेत्र , हिंद महासागरीय क्षेत्र।

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