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भारतीय संविधान के निर्माण का इतिहास(History of the making of the Indian Constitution)

  

📒भारतीय संविधान के निर्माण का इतिहास(History of the making of the Indian Constitution)

पूरे विश्व में एक समय ऐसा भी था , जब विश्व के प्रमुख देशों पर अंग्रेजों का अधिकार था। इसी में एक देश भारत भी था। अंग्रेजी सरकार , जो कि इंग्लैंड से ही भारत पर शासन को बनाए ,रखने के लिए समय समय पर एक्ट(कानून) बनाकर भारत भेजा करती थी। जिससे शासन व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे । जो बाद में भारतीय संविधान के निर्माण में आधार का कार्य किया ।

अंग्रेजों के शासन काल के कुछ प्रमुख एक्ट , जो भारत के लिए भेजे गए थे।

1773 ई. का रेज्युलेटिंग एक्ट : भारत में इंग्लैंड सरकार ने ईस्ट इण्डिया कम्पनी को नियंत्रित करने के लिए यह एक्ट पारित किया गया था। (ईस्ट इण्डिया कम्पनी :जो कि भारत से व्यापार करने आयी थी , लेकिन कालांतर में वह भारत पर शासन करनें लगी थी) 

इस एक्ट के कुछ प्रमुख प्रावधान(Some of the major provisions of this Act) :

✍️इस एक्ट(अधिनियम) द्वारा बंगाल के कलकत्ता में 1774 ई. में एक उच्चतम न्यायालय की स्थापना की गई । इस न्यायालय के प्रथम मुख्य न्यायाधीश सर एलिहास एम्पे थे।

✍️ इस एक्ट(अधिनियम) द्वारा बंगाल के गवर्नर के अन्तर्गत मुंबई और मद्रास के गवर्नर के क्षेत्रों को भी सम्मिलित कर दिया गया। इसके बाद बंगाल के गवर्नर को गवर्नर जनरल के पद के नाम से जाना जाने लगा । इस प्रकार प्रथम गवर्नर जनरल लार्ड वारेन हेस्टिंग्स थे।

1833 ई. का चार्टर एक्ट : इस एक्ट के द्वारा प्रमुख कार्यों में बंगाल के गवर्नर जनरल को भारत का गवर्नर जनरल बनाया गया।भारत के प्रथम गवर्नर जनरल एवम् बंगाल के गवर्नर जनरल लार्ड विलियम बैंटिक बने।

1858 का भारत शासन अधिनियम(एक्ट):

✍️ इस एक्ट के पारित होने से भारत पर कंपनी के शासन करने के अधिकार को समाप्त कर दिया गया। भारत पर शासन का अधिकार अब केवल इंग्लैंड सरकार(क्राउन) के पास होगा।

क्राउन से तात्पर्य जब ब्रिटिश संसद में जब इंग्लैंड की महारानी का पद जुड़ जाता है , तो उसे क्राउन कहा जाता है।

✍️ इस एक्ट के द्वारा मुगल सम्राट के पद को समाप्त कर दिया गया।

✍️ इस एक्ट के द्वारा एक नया पद भारत मंत्री का पद बनाया गया। भारत के प्रथम भारत मंत्री चार्ल्स उड़ को बनाया गया।

✍️ इस एक्ट के द्वारा भारत के गवर्नर जनरल के पद को समाप्त करके एक पद वायसराय बनाया गया। इस प्रकार भारत के अंतिम गवर्नर जनरल और प्रथम वायसराय लार्ड कैनिग था।

1909 ई. का मार्ले - मिंटो सुधार:- यह एक्ट पारित होते समय लार्ड मार्ले भारत सचिव व मिंटो भारत के वायसराय थे।

✍️ इस एक्ट के द्वारा भारत में सांप्रदायिक चुनाव कराने को कहा गया।जैसे - मुस्लिम मतदाता केवल मुस्लिम सदस्यों का ही निर्वाचन करेंगे। भारत में सांप्रदायिक चुनाव का जनक मिंटो को माना जाता हैं।

1919 ई. का मांटेग्यू- चेम्सफोर्ड सुधार: इस एक्ट के द्वारा प्रांतों में द्वैध शासन प्रणाली शुरू की गई। (इस प्रणाली का जनक लियोनेल कार्टियस को माना जाता है)

1935 का भारत शासन अधिनियम :

✍️ इस एक्ट के द्वारा प्रांतों में द्वैध शासन को समाप्त करके ,केंद्र में द्वैध शासन को प्रारंभ किया गया था।

✍️ इस एक्ट के पारित होने पर भारत को बर्मा से 1935 में ही अलग कर दिया गया।

✍️ इस एक्ट से भारत में भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना(1935) की गई।

📒भारतीय संविधान का निर्माता सभा : संविधान सभा(Constituent Assembly)

संविधान सभा का निर्माण कैबिनेट मिशन की शिफारिस पर जुलाई 1946 में किया गया। कैबिनेट मिशन में तीन सदस्य थे - पैथिक लारेंस (अध्यक्ष) , स्टेफर्ड क्रिप्स , AV अलेक्जेंडर।

संविधान सभा(Constituent Assembly) :

✍️ संविधान सभा का एक सदस्य 10 लाख जनसंख्या का प्रतिनिधि करता था। संविधान सभा के सदस्यों का निर्वाचन जुलाई 1946 में किया गया। संविधान सभा के सदस्यों की कुल संख्या 389 थी , जिनमें 292 सदस्य ब्रिटिश प्रांतों , 4 सदस्य चीफ कमीशनरी और 93 सदस्य देशी रियासतों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।

✍️ इन 389 सदस्यों में से 296 सदस्यों का निर्वाचन हुआ था। जिसमें 208 कांग्रेसी सदस्य , 73 सदस्य मुस्लिम लीग एवम् 15 अन्य दलों के सदस्य चुने गए थे 

Note : चार चीफ कमीशनरी- 1.दिल्ली, 2. अजमेर 3. कुर्ग (कर्नाटका) , 4.बलूचिस्तान

✍️ भारतीय संविधान सभा में 15 महिला सदस्य भी शामिल थी , जो निम्न है - विजयलक्ष्मी पंडित , राजकुमारी अमृत कौर , सरोजनी नायडू , सुचेता कृपलानी , पूर्णिमा बनर्जी , लीला राय , जी दुर्गाबाई , हंसा मेहता , कमला चौधरी , रेणुका राय , मालती चौधरी , दक्षायणी बेलायुदन , बेगम एजाज रसूल , एनी मस्करीनी , अम्मू स्वामीनाथन।

संविधान सभा की प्रमुख बैठकें(Major meetings of Constituent Assembly):-

✍️ संविधान सभा की पहली बैठक नई दिल्ली स्थित कौंसिल चैंबर के पुस्तकालय भवन में 9 दिसंबर 1946 को हुई थीं। सभा के सबसे बुजुर्ग सदस्य डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को संविधान सभा का अस्थाई सदस्य चुना गया ।

Note- इस सभा में मुस्लिम लीग ने भाग नही लिया था।

✍️ हैदराबाद एक ऐसा देशी रियासत था, जिसके प्रतिनिधि सदस्य संविधान सभा की प्रथम बैठक में भाग नही लिया थे।

✍️ संविधान सभा की दूसरी बैठक 11 दिसंबर 1946 को दिल्ली में हुई थी। जिसमे स्थायी अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद , स्थायी उपाध्यक्ष F.C. मुखर्जी और स्थाई सलाहकार B.N. राव चुना गया।

✍️ संविधान सभा की तृतीय बैठक 13 दिसंबर 1946 को दिल्ली में हुई थी। इस संविधान सभा में संविधान की उद्देशिका / प्रस्तावना / प्रियंबल को प्रस्तुत किया गया था। जिसे 22 जनवरी 1947 को संविधान सभा द्वारा संविधान में जोड़ा गया।

✍️ संविधान सभा की 26 नवंबर 1949 को हुई बैठक भी काफी महत्त्वपूर्ण है। जिस दिन संविधान आंशिक रूप से लागू किया गया था। इस समय संविधान सभा में कुल 284 सदस्य उपस्थित थे।

✍️ संविधान सभ की अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को हुई , जिसमें भारत के राष्ट्रपति के रूप में डॉ. राजेंद्र प्रसाद को चुना गया।

संविधान सभा ने संविधान निर्माण के लिए कई समिति का गठन किया , कुछ प्रमुख समितियां और उनके अध्यक्ष निम्न हैं।


  समिति                               अध्यक्ष

*प्रारूप समिति ---------- डॉ. भीमराव अंबेडकर

*संघ शक्ति समिति ---------- पं. जवाहरलाल नेहरु

*संघीय संविधान समिति ---- पं. जवाहरलाल नेहरु

*प्रांतीय संविधान समिति ---- सरदार वल्लभभाई पटेल

*मौलिक अधिकारों व अल्पसंख्यक से संबंधित परामर्श समिति ---------- सरदार वल्लभभाई पटेल 

इस समिति की दो उप - समितियां थीं -

(a) मौलिक अधिकार उप - समिति --- जे. बी. कृपलानी

(b) अल्पसंख्यक उप - समिति --- एच. सी. मुखर्जी

📒प्रारूप समिति(Drafting committee)/मसौदा समिति::

इस समिति का गठन 26 अगस्त 1947 ई. में किया गया था। इस समिति का प्रमुख कार्य संविधान का प्रारूप तैयार करना था। इसमें कुल सात सदस्य थे।

1. डॉ. भीमराव अंबेडकर(अध्यक्ष)

2. के. एम. मुंशी

3. एन. गोपाल स्वामी अय्यर 

4. अल्लादी कृष्ण स्वामी अय्यर 

5. बी. एम. मित्तर (बाद में इनके स्थान पर एन. माधव राव को सदस्य बनाया गया) 

6. डी. पी. खेतान ( इनकी मृत्यु के बाद इनके स्थान पर टी. टी. कृष्णचारी को सदस्य बनाया गया)

📒अंतरिम सरकार के गठन की क्यों आवश्कता पड़ी?(Why there was a need for formation of an interim government?)और अंतरिम सरकार का मंत्रिमंडल(Interim Government Cabinet) ।

भारत में कैबिनेट मिशन के आगमन के समय ,भारत में अंग्रेजी सरकार का प्रशासन तंत्र विफल हो गया था। इसलिए भारत में प्रशासन व्यवस्था बिगड़े न इसके लिए 24 अगस्त 1946 में भारत की पहली अंतरिम सरकार का गठन किया गया और 2 सितंबर 1946 को अंतरिम सरकार के मंत्रियों को सपथ दिलायी गायी। इसमें मुस्लिम लीग का कोई भी सदस्य शामित नहीं था , लेकिन तीन अन्य मुस्लिम सदस्य को भी मंत्री मंडल में शामिल किया गया था। 26 अक्टूबर 1946 को मुस्लिम लीग भी अंतरिम सरकार में शामिल हो गई , जिसका उद्देश्य विभाग में रहकर पाकिस्तान की मांग करते रहना।

      मंत्री                                        विभाग

पं. जवाहर लाल नेहरु ---- विदेशी मामले और राष्ट्रमंडल सबंध

सरदार वल्लभभाई पटेल ---- गृह मंत्रालय , सूचना और प्रसारण

                                        मंत्रालय      

सी.राजगोपालचारी ---- शिक्षा मंत्रालय

जान मथाई ---- उद्योग तथा आपूर्ति मंत्रालय

डॉ. राजेंद्र प्रसाद ---- खाद्य व कृषि मंत्रालय

जगजीवन राम ---- श्रम विभाग

सरदार बलदेव सिंह ---- रक्षा मंत्रालय

सी. एच.भाभा ---- कार्य , खान , व ऊर्जा मंत्रालय

लियाकत अली खां ---- वित्त मंत्रालय

अब्दुल रब नश्तर ---- संचार विभाग 

आसफ अली ---- रेलवे मंत्रालय

आई. आई.चुंदरीगर ---- वाणिज्य मंत्रालय

जोगेंद्र नाथ मंडल ---- विधि मंत्रालय 

गजांतर अली खां ---- स्वाथ्य मंत्रालय

📒भारत - पाकिस्तान के बंटवारा के बाद संविधान सभा और अंतरिम सरकार में हुये परिवर्तन(Changes in the Constituent Assembly and the Interim Government after the Partition of India and Pakistan)::

✍️ 3 जून 1947 को माउंट बेटेन योजना प्रकाशित हुई , जिसमे भारत का विभाजन के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया था। भारत - पाकिस्तान बटवारा के बाद संविधान सभा का पुनर्गठन किया गया। इस प्रकार पुनर्गठित संविधान सभा में कुल 324 सदस्य हो गई। इसके बाद 31 अक्टूबर 1947 को पुनर्गठित संविधान सभा की प्रथम बैठक हुई , जिसमे कुल 299 सदस्य उपस्थित थे।

✍️ भारत - पाकिस्तान एक स्वतंत्र देश बनाने के बाद यह निर्णय लिया गया , कि जब तक संविधान का पूर्ण निर्माण नहीं होता तब -तक प्रशासन कार्य करने भारत ने स्वतंत्र भारत का पहला मंत्रिमंडल स्थिति किया।

मंत्री                                     विभाग /मंत्रालय

पं. जवाहर लाल नेहरु ---- प्रधानमंत्री, विदेशी मामले , राष्ट्रमंडल                                           सम्बंध व वैज्ञानिक शोध

सरदार वल्लभभाई पटेल --- गृह मंत्रालय , सूचना,प्रसारण मंत्रालय                                          और राज्य के मामले

डॉ. राजेंद्र प्रसाद ---- खाद्य व कृषि मंत्रालय

जान मथाई ---- रेलवे व परिवहन मंत्रालय

सरदार बलदेव सिंह ---- रक्षा मंत्रालय

राजकुमारी अमृताकौर ---- स्वाथ्य मंत्रालय

डॉ. भीमराव अंबेडकर ---- विधि मंत्रालय

सी. एच.भाभा ---- वाणिज्य मंत्रालय

रफी अहमद किदवई ---- संचार विभाग 

आर. के. षणमुगम शेट्टी ---- वित्त मंत्रालय

श्याम प्रसाद मुखर्जी ---- उद्योग तथा आपूर्ति मंत्रालय

वी. एन. गाडगिल ---- कार्य , खान , व ऊर्जा मंत्रालय

सविधान से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण तथ्य(Other important facts related to the constitution) 

✍️ संविधान बनाने में कुल 2 वर्ष - 11 माह - 18 दिन का समय लगा था। संविधान के प्रारूप पर 144 दिन तक विचार हुआ था। 

✍️ संविधान पारित करते समय कुल उपस्थित सदस्यों की संख्या 284 थीं।

✍️ संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 और अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को हुयी थीं।

✍️ संविधान सभा को 26 नवंबर 1949 को आंशिक रूप से या अंगीकृत या आत्मर्पत किया गया था।

✍️ मूल संविधान में 22 भाग थे , लेकिन वर्तमान में 25 भाग हैं।

✍️ मूल संविधान में 395 अनुच्छेद(Article) थे , लेकिन वर्तमान में 444 अनुच्छेद हैं।

✍️ मूल संविधान में 8 अनुसूचियां थीं , लेकिन वर्तमान में 12 अनुसूचियां हैं।

✍️ संविधान दिवस की शुरुआत 26 नवंबर 2015 से प्रारंभ की गई थी , क्योंकि संविधान निर्माता Dr. भीमराव अंबेडकर की 125 वें जन्मदिन के अवसर पर इसकी शुरुआत की गई। इसलिए संविधान दिवस हर वर्ष 26 नवंबर को मनाया जाता हैं।

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