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पृथ्वी (earth) क्या है?, कैसी?, कहां पर है? और पृथ्वी से संबंधित प्रमुख जानकारी जैसे अक्षांश(Latitude) और देशांतर (Longitude) रेखाएं क्या होती है ? और इसकी आवश्कता क्यों पड़ी? और पृथ्वी की उपग्रह चंद्रमा से संबंधित जानकारिया

 📒पृथ्वी (earth) क्या  है?, कैसी?, कहां पर है? और पृथ्वी संबंधित प्रमुख शब्दावली :: 

(अर्थ)


पृथ्वी,सूर्य का एक टूटा हुआ अंश है। यह अन्तरिक्ष में गुरत्वाकर्षण बल के कारण सूर्य की परिक्रमा कर रही हैं।हमारी पृथ्वी ध्रुवों पर चपटी तथा मध्य में बाहर की ओर उभरी हुई है। इसका आकार Geoid(ज्यॉइड) या लक्ष्वाकर होता है। 

✍️ इसका विषुवतीय व्यास 12,756 किमी और ध्रुवी व्यास 12,714 किमी है।(जब आपसे पृथ्वी की त्रिज्या पूछी जाय ,तो व्यास का आधा कर देना।)
✍️ पृथ्वी का कुल सतही क्षेत्रफल 504 लाख वर्ग किमी,आयतन 6×10^21 टन तथा औसत घनत्व 5.52 घन सेंटीमीटर हैं।
✍️ पृथ्वी पर 71% जल है और 29% भाग स्थल है।जल के कारण पृथ्वी नीला दिखाई देती है।
✍️ पृथ्वी का आकार में पांचवां सबसे बड़ा ग्रह है।
✍️पृथ्वी की अनुमानित आयु 4.6 बिलियन वर्ष है।
✍️ पृथ्वी पर सबसे अधिक ऊंचाई - 8850 मीटर (माउंट )
✍️ पृथ्वी पर सबसे अधिक गहराई - 11022 मीटर (मेरिया गर्त, प्रशांत महासागर में)।                                                
✍️ पृथ्वी का धरातली क्षेत्रफल - 51,00,66,100 वर्ग किलोमीटर
✍️ भूमि क्षेत्रफल - 1489 करोड़ वर्ग किलोमीटर (29.08%)
✍️ जलीय क्षेत्रफल - 3612 करोड़ वर्ग किलोमीटर (70.92%)
✍️ 'पृथ्वी गोल है' यह किसने कहां था:- पैइथागोरस ने।

✍️ 'पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है और ग्रह, सूर्य के चारों ओर घूमते हैं' यह कथन किसका हैं :- कापरनिक्स

✍️"पृथ्वी नारंगी के समान है"यह कथन सर आइजैक न्यूटन ने कहा था।
✍️"पृथ्वी नाशपाती के समान हैं"यह कथन जेम्स जीन ने कहा था।


📒 पृथ्वी के सापेक्ष में अक्ष(Axis)और  ध्रुव(Pole)क्या होते हैं?                               
अक्ष(Axis):-   ऐसी काल्पनिक रेखा,जो पृथ्वी के केंद्र से होकर गुजरती हैं। जिससे पृथ्वी इसी काल्पनिक रेखा पर घूमती हुई, सुर्य की परिक्रमा करती हैं। यह रेखा उत्तर ध्रुव को दक्षिणी ध्रुव से जड़ती है।




✍️ पृथ्वी का अक्ष उसके कक्षा - तल पर बने लंब से 23°30'(23.5°) झुकी हुई है और पृथ्वी का अक्ष,पृथ्वी की कक्षा - तल से 66°30' का कोण बनाती है।
✍️ 1अंश(1°) के बराबर 60 मिनट(') होता हैं और 1मिनट (') में 60सेकंड(")होता हैं।
✍️ पृथ्वी के झुकाव के कारण ही ऋतु का निर्माण और दिन - रात का निर्माण होता है।
ध्रुव(Pole):-  पृथ्वी पर स्थित ऐसा काल्पनिक बिंदु जिससे होकर काल्पनिक अक्ष रेखा गुजराती हैं।
✍️ पृथ्वी पर दो ध्रुव हैं।1. उत्तरी ध्रुव और 2. दक्षिणी ध्रुव।
✍️ उत्तरी ध्रुव पर पहुंचने वाला प्रथम व्यक्ति राबर्ट पियरी (USA)
✍️ दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला प्रथम व्यक्ति एमंडसेन(नार्वे)
 
                                                                    
📒 अक्षांश(Latitude) और देशांतर (Longitude) रेखाएं क्या होती है ? और इसकी आवश्कता क्यों पड़ी? कर्क(Cancer),मकर(Capricorn), विषुवत(Equinox)इन रेखाओं का क्या महत्व हैं? 

अक्षांश व देशांतर रेखाएं , ऐसी काल्पनिक रेखा है, जो पृथ्वी के ग्लोब पर खिंची जाती हैं। इन काल्पनिक रेखाओं के माध्यम से देशों की अवस्थिति और समय का निर्धारण करना आसान हो जाता हैै।

अक्षांश (लैटिट्यूड) - यह एक काल्पनिक रेखा ,जो क्षैतिज व समांतर होती है। ग्लोब पर ये काल्पनिक रेखाएं ग्लोब पर पश्चिम से पूर्व ओर खींचा गई है।
✍️ इन रेखााओं केे बीच दूरी हमेशा बराबर होती है, दो रेखाओं के बीच यह दूरी 111.13 किमी होती है।
✍️ यह रेखा पृथ्वी को दो बराबर भागों उत्तरी गोलार्ध्द और दक्षिणी गोलार्ध्द में बताती हैं।




✍️कुल अक्षांशो की संख्या 180 या 181 है(जब भूमध्य रेखा को लेकर गिना जाता है,तो 181 होती हैं)।
✍️ कुल अक्षांश रेखाओं की संख्या 179 है, इसमें दो अक्षांशो रेखाओं को छोड़ दिया जाता हैं। क्योंकि ध्रुवों को बिंदु से दर्शाया जाता हैं।
✍️ 0° अक्षांश को मध्यमान रेखा,भूमध्य रेखा, विषुवत रेखा कहते है।
✍️ विषुवत रेखा इन देशों से होकर जाती हैं - इक्वाडोर , कोलंबिया , ब्राजील , गैबॉन , कांगो गणराज्य , लोकतांत्रिक कांगो गणराज्य , युगांडा , केन्या , सोमालिया , मालदीव इंडोनेशिया तथा किरिबाती ।
✍️ ये सभी रेखाएं पृथ्वी पर अलग - अलग वृत्त का निर्माण करती है । 0° अक्षांश रेखा पर बना वृत्त, सबसे प्रमुख वृत्त माना जाता है। इसे विषवत वृत्त कहते है।
✍️ अक्षांश रेखा से पृथ्वी की जलवायु व तापमान का निर्धारण होता हैं।
✍️ कुछ प्रमुख अक्षांश रेखाएं :----
(1). 23°30' उत्तरी अक्षांश रेखा को कर्क(केंसर) रेखा कहते है। यही रेखा भारत के 8 राज्यो से होकर गुजरती हैं।
इन देशों (17)से गुजराती हैं, कर्क रेखा - ताईवान , चीन , म्यांमार , बांग्लादेश , भारत , ओमान , संयुक्त अरब अमीरात , सऊदी अरब , मिस्र , लीबिया , नाइजर , अल्जीरिया , माली , मारितानिया , प . सहारा , बहामास एवं मैक्सिको ।
(2).23°30' दक्षिणी अक्षांश रेखा को मकर   (कैप्रीकॉर्न)  रेखा कहते है।
इन देशों (10)से गुजराती हैं, मकर रेखा - चिली , अर्जेन्टीना , पराग्वे . ब्राजील , नामीबिया , बोत्सवाना , दक्षिण अफ्रीका , मोजाम्बिक मेडागास्कर , ऑस्ट्रेलिया ।
(3).66°30 उत्तरी अक्षांश रेखा को आर्कटिक(Arctic) रेखा कहते है।
(4).66°30 दक्षिणी अक्षांश रेखा को अंटार्कटिका(Antarctica) रेखा कहते है।

काटिबंध (zone) :---
जब पृथ्वी के अलग - अलग भागो को ताप के आधार पर बाँटा जाता हैं,तो इस काटिबंध (zone) कहते हैं।
(1). 0° से 5° उत्तरी व दक्षिणी अक्षांश रेखाओ के मध्य स्थित क्षेत्र को डोलड्रम या शांत क्षेत्र कहा जाता है।
(2). 0° से 30° उत्तरी व दक्षिणी अक्षांश रेखाओ के मध्य स्थित क्षेत्र को उष्ण कटिबन्धीय(Tropical zone) क्षेत्र कहा जाता है।इस क्षेत्र का तापमान सदैव गर्म(उष्ण) होता हैं, इसका कारण वर्ष में सूर्य की किरणें का लगभग सीधा पड़ना। 
(3). 30°से 45°उत्तरी व दक्षिणी अक्षांश रेखाओ के मध्य स्थित क्षेत्र को उपोष्ण कटिबंधी   (Subtropical zone) क्षेत्र कहा जाता हैं।इस क्षेत्र का तापमान कुछ महीने गर्म(उष्ण) और कुछ महीने शीत होता हैं।
(4). 45° से 66°30' उत्तरी व दक्षिणी अक्षांश रेखाओ के मध्य स्थित क्षेत्र को शीतोष्ण कटिबंध(Temperate zone)  क्षेत्र कहा जाता है। इस क्षेत्र का तापमान सदैव शीत होता हैं, इसका कारण वर्ष में सूर्य की किरणों का इन क्षेत्रों पर तिरछा पड़ना।
(5). 66°30' से 45° उत्तरी व दक्षिणी अक्षांश रेखाओ के मध्य स्थित क्षेत्र को ध्रुवीय कटिबंध (polar zone) क्षेत्र कहा जाता हैं। इस क्षेत्र में सूर्य की किरणे बहुत कम मात्रा में पहुंचती हैं। इससे यहां पर अत्यंत कम तापमान रहता हैं। जिससे यहां पर सदैव बर्फ जमी रहती हैं।

देशांतर रेखाएं(लॉन्गिट्यूड):----- 

✍️ प्रधान मध्यमान रेखा(prime meridian line) लंदन के ग्रीनबीच शहर से किसी स्थान की कोणात्मक दूरी को उस स्थान का देशान्तर कहते हैं।


✍️ यह रेखा मानक समय बताती है
✍️ यह रेखा भी काल्पनिक होती है। यह ऊर्ध्वाधर रेखा होती हैं,जो उत्तरी ध्रुव को दक्षिणी ध्रुव से जोड़ती है।
✍️ देशान्तर रेखाओं की दूरी हर जगह बराबर नहीं होती हैं।सबसे अधिक 111.32 किमी भूमध्य रेखा या विषुवत रेखा पर होती हैं और सबसे कम ध्रुवों पर शून्य होगी ।
✍️ ध्रुवों से भूमध्य रेखा की जाने पर दो देशान्तर रेखाओं के बीच की दूरी बढ़ेगी और भूमध्य रेखा से ध्रुव की ओर जाने पर दूरी घटेगी।
✍️ कुल देशान्तर रेखाओं की संख्या 360 होती हैं।
✍️ कुछ प्रमुख देशांतर रेखाएं ---

 0°देशान्तर रेखा :-
इस देशान्तर रेखा को प्रधान या मध्यमान यमोत्तर रेखा भी कहते हैं। यह रेखा अटलांटिक महासागर में 0° अक्षांश रेखा को काटती हैं। इस देशान्तर रेखा को केन्द्र मानकर, 180° पूर्व और पश्चिम देशांतर रेखाएं की गणना की जाती हैं।
✍️ 1884 में इस रेखा को अंतराष्ट्रीय मानक समय रेखा घोषित किया गया।
✍️ अन्य नाम :-GMT (Greenwich Mean Time) रेखा / ग्रीनबीच रेखा
✍️ पृथ्वी को देशांतर पर करने में 4 मिनट का समय लगता हैं। अर्थात् पृथ्वी 24 घंटे तय करने में 360° घघूमती हैं।
✍️दो देशान्तर रेखाओं के बीच की दूरी गोरे(Gore) कहलाती हैं।

180° देशांतर रेखा :- 
1884 कि वाशिंगटन सभा में इस रेखा को अंतराष्ट्रीय तिथि रेखा घोषित किया गया अर्थात यह रेखा कैलेंडर टाइम बताती हैं।

82°30'पूर्वी देशांतर रेखा :-   
इस देशान्तर रेखा से भारत का मानक समय(Indian standard time) निर्धारित किया जाता हैं। अन्य नाम - IST
✍️ यह देशांतर रेखा भारत के उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर/इलाहाबाद के नैनी से होकर गुजरती हैं।
✍️ भारतीय मानक समय(IST), ग्रीनबीच मेन समय (GMT) से 5:30 घण्टे आगे हैं। अर्थात यदि ग्रीनबीच लंदन में दोपहर के दो बज रहे है,तो भारत में उस समय सायं के 7:30 बज रहा होगा।
Other Facts :-  
(1) विश्व में सबासे पहले सूर्य न्यूजीलैंड में उगता है और वही पर सबसे पहले अस्त भी होता हैं। इस कारण सबसे पहले हैपी न्यू ईयर न्यूजीलैंड में मनाया जाता हैं।
(2) सबसे बाद में सूर्य USA के मीड वे (midway island) में उगता है सबसे बाद में यही पर अस्त भी होता हैं।

📒 पृथ्वी की दो गतियां होती हैं:-
 घूर्णन गति(Rotational motion) -




जैसे लट्टू नचाए ,जाने पर अपनी धुरी पर घूमता रहता हैं,ठीक इसी प्रकार पृथ्वी भी अपनी काल्पनिक धुरी पर सदैव पश्चिम से पूर्व की घूमती रहती है।
अन्य नाम - रोट्सनल गति/दैनिक गति/अक्षीय गति/परिभ्रमण गति
✍️ इस गति से दिन - रात का निर्धारण होता हैं।    ✍️ यह अपने अक्ष पर पश्चिम से पूर्व 1610 किमी प्रति घंटा की चाल से 23घंटे 56मिनट और 4सेकंड में एक चक्कर लगाती है। इस गति को घूर्णन गति कहते है। 

परिक्रमण गति (Revolution motion)- 


 
पृथ्वी अपनी घूर्णन गति करते हुए,सूर्य के चारों ओर एक दीर्घवृत्तकार मार्ग(Ellipse route)पर परिक्रमा करता है।इस गति को परिक्रमण गति कहते है।
✍️ पृथ्वी को सूर्य का एक चक्कर पूरा करने में 365 दिन 5 घंटे 48 मिनट 46 सेकंड लगते है।
✍️ इस गति के कारण दिन - रात छोटा - बड़ा होना और ऋतु परिवर्तन , उपसैर व अपसौर की स्थिति का बनाना ।

📒 दिन - रात क्यों छोटे- बड़े होते हैं? ऋतुएं कैसे बदलती है? 



21 मार्च -  इस समय सूर्य, भूमध्य रेखा पर चमकता है और दोनो गोलर्ध्द में दिन - रात बराबर होता है। इस समय बसंत ऋतु होती है।
✍️ 21 मार्च को वसंत विषुव कहते है                      
21 जून- इस समय सूर्य, कर्क रेखा के लंबवत चमकता है। इस समय उत्तरी गोलार्ध्द में ग्रीष्म ऋतु तथा दक्षिणी गोलार्ध्द में शीत ऋतु होगी।
✍️ 21जून को उत्तरी गोलार्ध्द में दिन सबसे बड़ा व रात छोटी और इसके विपरीत दक्षिणी गोलार्ध्द में दिन छोटा व रात सबसे बड़ी होती है।
✍️ 21 जून को कर्क संक्रांति(उत्तरी अयनांत) होती है।

23 सितंबर - इस दिन सूर्य पुन: भूूमध्य रखा लंबवत चमकता हैै। इस दिन -रात 12-12 घंटे केेेे या बाराबर होगे। इस समय दोनो गोलार्ध्द शरद ऋतु होगी। दोनो ध्रुवों पर सुर्य एक साथ उगता हैं।
✍️ 23 सितंबर को शरद विषुव कहते हैं।

22 दिसंबर - इस समय सूर्य,मकर रेखा के लंबवत चमकता हैं। इस समय दक्षिण में गोलार्ध्द में ग्रीष्म ऋतु होगी और उत्तरी गोलार्ध्द शीत ऋतु हाेगी।
✍️ 22 दिसंबर को दक्षिणी गोलार्ध्द में दिन सबसे बड़ा व रात छोटी और इसके विपरीत उत्तरी गोलार्ध्द में दिन छोटा व रात सबसे बड़ी होती है।
✍️ 22 दिसंबर को मकर संक्रांति (दक्षिणी अयनांत) होती हैं।
नोट 1 -पृथ्वी पर सबसे बडा दिन उत्तरी गोलार्ध्द और  दक्षिणी गोलार्ध्द में किस तारीख पड़ती है। Ans - क्रमश: 21 मार्च और 23 सितम्बर
नोट 2 - पृथ्वी पर सबसे छोटी रात उत्तरी गोलार्ध्द और दक्षिणी गोलार्ध्द में किस तारीख को पड़ती हैं। Ans - क्रमश: 22 दिसंबर और 21 जून

📒उपसैर(perihelion) और अपसौर(aphelion) की घटना क्या है?      
उपसैर(perihelion) -  सूर्य व पृथ्वी के मध्य 3 जनवरी को न्यूनतम दूरी होती हैं। इस घटना को उपसौर कहते है । यह दूरी 14.7 करोड़ प्रकाश वर्ष होता हैं।
अपसौर(aphelion) - सूर्य व पृथ्वी के बीच 4 जुलाई को अधिकतम दूरी होती हैं। यह घटना अपसौर कहलाती हैं। यह दूरी 15.21 करोड़ प्रकाश वर्ष होती हैं।
Note- उपसौर और अपसौर को मिलने वाली रेखा को एपसाइड रेखा  कहते हैं।

📒पृथ्वी की उपग्रह(Satellite):चंद्रमा(Moon) संबंधित जानकारियां ।                                                                ऐसा प्राकृति पिण्ड,जो पृथ्वी की परिक्रमा करता हो। वह पृथ्वी का उपग्रह कहलाता हैं।चंद्रमा , पृथ्वी का एक मात्र प्रकृति उपग्रह है। यह पृथ्वी के चारों ओर परिक्रमा करता हैं। इसे पृथ्वी का एक चक्कर पूरा करने में 27 दिन  7 घंटे लगते है और लगभग इतने ही समय में चन्द्रमा अपने अक्ष पर भी एक चक्कर पूरा कर लेती हैं। चंद्रमा पर वायुमंडल नही हैं।
✍️ चंद्रमा की सतह व उसकी आंतरिक स्थिति का अध्ययन करने वाली विज्ञान की शाखा को सेलिनोलॉजी कहते हैं।
✍️ चंद्रमा का द्रव्यमान, पृथ्वी के द्रव्यमान का 1/81 गुना हैं।
✍️ चंद्रमा पर गुरुत्वाकर्षण बल का मन पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल का 1/6 भाग हैं।
✍️ चंद्रमा का प्रकाश पृथ्वी पर पहुंचने में 1 मिनट 3 सेकंड का समय लगता हैं।
✍️ चंद्रमा के सापेक्ष में ब्लू मून और सुपर मून क्या हैं।
ब्लू मून :-  जिस माह में दो पूर्णिमाएंं हो, तो दूसरी पूर्णिमाएं को दिखाने वाले को ब्लू मून कहते हैं।
सुपर मून :-  जब चंद्रमा ,पृथ्वी के सबसे निकट होता हैं और इस समय चांद अन्य दिनों की अपेक्षा 14% अधिक बड़ा व 30% अधिक चमकीला दिखाई देता हैं। इस घटना को सुपर मून कहा जाता हैं।
✍️ पृथ्वी से हम चंद्रमा का 57% भाग देख पाते हैं।
✍️ चंद्रमा पर पहला कदम 1969 में नील आर्मस्ट्रांग ने रखा था।
 📒 पूर्णिमा(fullmoon)और अमावस्या(Amavasya)क्या हैं ? और सूर्य ग्रहण(Solar Eclipse)व चंद्र ग्रहण(Lunar eclipse)कसे लगाते हैं? 
पूर्णिमा :-  पृथ्वी पर चंद्रमा का संपूर्ण प्रकाशित भाग महीने में केवल एक बार दिखाई देता हैं अर्थात् इस दिन को पूर्णिमा कहते हैं।
अमावस्या :-  जब चंद्रमा का संपूर्ण अप्रकाशित भाग महीने में एक बार जब पृथ्वी के सामने होता हैं और चंद्रमा दिखाई नही देता हैं अर्थात् इस दिन को अमावस्या कहते हैं।
चंद्र ग्रहण(लूनर एक्लिप्स) :-जब पृथ्वी,चंद्रमा और सूर्य के बीच में आ जाता है , तो पृथ्वी की छाया चन्द्रमा पर पड़ती है और उस पर अंधेरा छा जाता है इसे चन्द्रग्रहण कहते हैं । चन्द्रग्रहण सदा पूर्णिमा को होता है , परन्तु हर पूर्णिमा को नहीं होता हैं।




सूर्य ग्रहण(सोलर एक्लिप्स) :-  जब चंद्रमा,पृथ्वी और सूर्य के बीच में आ जाता है,तो सूर्य कि चमकती सतह चंद्रमा के कारण पृथ्वी पर नहीं दिखाई देती है । यह घटना सूर्य ग्रहण कहलाती हैं।

✍️ सूर्य ग्रहण के समय,यदि सूर्य का कुछ प्रकाश पृथ्वी पर आएं तो इस स्थिति को आंशिक सूर्य ग्रहण और यदि कुछ समय के लिए सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर नहीं आ पाता हैं तो इस स्थिति को पूर्ण सूर्य ग्रहण कहते हैं।

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