भूगोल से संबंधित महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धान्त(Continental Drift theory) और प्लेट विवर्तनीय सिद्धांत(Theory of Plate Tectonics) क्या है?
📒महाद्वीपों की उत्पत्ति से सम्बन्धित महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धान्त क्या है?What is the continental drift theory related to the origin of continents?
इस सिद्धांत को 1912 में जर्मन के प्रसिद्ध भूगोलवेत्ता वेगनर ने प्रस्तुत किया था। इस सिद्धांत के अनुसार संपूर्ण पृथ्वी पर एक स्थल भाग पैंजिया और एक सागर पैंथलासा था। पृथ्वी के धुर्वो के गुरुत्व खिंचाव बल के कारण पैंजिया दो भागो में विभक्त हो गया और इन दोनो भागों में स्थित जल को टेथिस सागर कहा गया। धीरे - धीरे इन्ही दोनो भागों में टकराव और अन्य कारणों से वर्तमान के 7 महाद्वीपों का निर्माण हैं।
पैंजिया के दोनों भाग:-
1. लरेंशिया या अंगारालैंड - इससे उत्तरी अमेरिका,यूरोप तथा एशिया महाद्वीपों का निर्माण हुआ।
2. गाेंडवानालैंड - इससे दक्षिणी अमेरिका , आस्ट्रेलिया , अफ्रीका तथा अण्टर्कटिका महाद्वीपों का निर्माण हुआ
Note- भारत एशिया महाद्वीप में स्थित है , लेकिन यह गाेंडवानालैंड का हिस्सा माना जाता हैं।
📒प्लेट विवर्तनीय सिद्धांत क्या है?(What is the plate tectonics theory?)
प्लेट विवर्तनीय का सिद्धांत 1967 में डबल्यू. जे. मोर्गन ने प्रस्तुत किया। इस सिद्धांत के अनुसार पृथ्वी का क्रस्ट अनेक छोटी बड़ी प्लेटों में विभक्त हैं। ये प्लेटे 100 किमी. मोटाई वाले स्थलमंडल जिसे लिथोस्पेयर कहा गया, से बनी हैं तथा दुर्बलमंडल जिसे स्थेनोस्पेयर कहा गया पर तैरती रहती हैं, जो पूर्णत: SIMA का बना हैं। अभी तक 7 बड़ी और 20 छोटी प्लेटों का निर्धारण किया जा चुका हैं।
7 बड़ी प्लेटे: अफ्रीकन प्लेट , आस्ट्रेलिया प्लेट , अण्टर्कटिका प्लेट , उत्तरी अमेरिका प्लेट , दक्षिणी अमेरिका प्लेट , यूरेशियन प्लेट , प्रशांत महासागरीय प्लेट
20 छोटी प्लेटों में कुछ प्रमुख प्लेट :अरेबियन प्लेट , कैरेबियन प्लेट , ईरान की प्लेट , केरोलिना प्लेट , कोकोज प्लेट , फिलिपिंस प्लेट , नजाका प्लेट , जुआन डी फूका प्लेट , बिस्मार्क प्लेट ।

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